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Friday, 27 January 2017

HI..................

GOOD MORNING..........


Saturday, 21 January 2017

खता हो गयी तो............

खता हो गयी तो सजा बता दो,
दिल में इतना दर्द क्यों है वजह बता दो,
देर हो गयी है याद करने में ज़रूर,
लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल दिल से मिटा दो



Thursday, 19 January 2017

मुहब्बत का इम्तिहान..................

मुहब्बत का इम्तिहान आसान नहीं!
प्यार सिर्फ पाने का नाम नहीं!
मुद्दतें बीत जाती हैं किसी के इंतज़ार में!
ये सिर्फ पल-दो-पल का काम नहीं!


तुम्हारे नाम को होंठों ..........

तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने,
तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने,
दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल,
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने!



Wednesday, 18 January 2017

जब कोई ख्याल ................

जब कोई ख्याल दिल से टकराता है!
दिल न चाह कर भी, खामोश रह जाता है!
कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है!
कोई कुछ न कहकर भी, सब बोल जाता है!



Tuesday, 17 January 2017

इस दिल को किसी की..............

इस दिल को किसी की आस रहती है,
निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है,
तेरे बिना किसी चीज़ की कमी तो नही,
पर तेरे बेगैर जिन्दगी बड़ी उदास रहती है..



Saturday, 14 January 2017

ये दिल न जाने क्या...........

ये दिल न जाने क्या कर बैठा,
मुझसे बिना पूछे ही फैसला कर बैठा,
इस ज़मीन पर टूटा सितारा भी नहीं गिरता,
और ये पागल चाँद से मोहब्बत कर बैठा!



Wednesday, 11 January 2017

न वो आ सके न ..............

न वो आ सके न हम कभी जा सके,
न दर्द दिल का किसी को सुना सके,
बस बैठे है यादों में उनकी,
न उन्होंने याद किया और न हम उनको भुला सके !!


Monday, 9 January 2017

घर से बाहर वो नक़ाब मे........

घर से बाहर वो नक़ाब मे निकली,
सारी गली उनकी फिराक मे निकली,
इनकार करते थे वो हमारी मोहब्बत से,
ओर हमारी ही तस्वीर उनकी किताब से निकली



Thursday, 5 January 2017

हर बार मेरे सामने..........

हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम,

हर बार तुम से मिल के बिछड़ता रहा हूँ मैं,
तुम कौन हो ये खुद भी नहीं जानती हो तुम,
मैं कौन हूँ ये खुद भी नहीं जानता हूँ मैं।


कागज़ की कश्ती से...........

कागज़ की कश्ती से पार जाने की ना सोच,
चलते हुए तुफानो को हाथ में लाने की ना सोच,
दुनिया बड़ी बेदर्द है, इस से खिलवाड़ ना कर,
जहाँ तक मुनासिब हो, दिल बचाने की सोच।



Monday, 2 January 2017

न दिल में बसाकर...........

न दिल में बसाकर भुलाया करते हैं,
ना हँसकर रुलाया करते हैं,
कभी महसूस कर के देख लेना,
हम जैसे तोह दिल से रिश्ते निभाया करते है.