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Thursday, 27 October 2016

इश्क़ तो बस मुक़द्दर ...............

इश्क़ तो बस मुक़द्दर है कोई ख्वाब नहीं, 
ये वो मंज़िल है जिस में सब कामयाब नहीं, 
जिन्हें साथ मिला उन्हें उँगलियों पर गिन लो, 
जिन्हें मिली जुदाई उनका कोई हिसाब नहीं।



Wednesday, 26 October 2016

हमारे इश्क़.............

हमारे इश्क़ को यूं न आज़माओ सनम, 
पत्थरों को धड़कना सिखा देते हैं हम ।



Monday, 24 October 2016

जिन्दगी में

जिन्दगी में ‘कुछ’ चीजे भुलाई नही जा सकती

मेरी जिन्दगी में सब ‘कुछ’ सिर्फ तुम ही हो



Saturday, 22 October 2016

तेरी जबान एक...............

तेरी जबान एक झूठ रोज बोलती है,
मेरी ऑखे एक सच हमैशा पढ लेती है,
कितनी अजीब बात है छोटी सी बात पे,
डरने वाली मेरी मोहब्बत जग से लड़ लेती है



Friday, 21 October 2016

कुछ अजब हाल है..........

कुछ अजब हाल है इन दिनों तबियत का साहब, 
ख़ुशी ख़ुशी न लगे और ग़म बुरा न लगे 


Thursday, 20 October 2016

वो मुझ तक आने ...........

वो मुझ तक आने की राह चाहता है, 
लेकिन मेरी मोहब्बत का गवाह चाहता है, 
खुद आते जाते मौसमों की तरह है, 
और मेरे इश्क़ की इन्तहा चाहता है।


याद रखना ही..............

याद रखना ही मोहब्बत में नहीं है सब कुछ, 
भूल जाना भी बड़ी बात हुआ करती है।


Wednesday, 19 October 2016

hi


Tuesday, 18 October 2016

किसी के दिल में..............

किसी के दिल में क्या छुपा है 
ये बस खुदा ही जानता है, 
दिल अगर बेनकाब होता 
तो सोचो कितना फसाद होता।


Monday, 17 October 2016

तारीफ़ अपने आप की.............

. तारीफ़ अपने आप की, करना फ़िज़ूल है,
ख़ुशबू तो ख़ुद ही बता देती है, कौन सा फ़ूल है..



Thursday, 13 October 2016

जज़्बात बहक जाते हैं ..................

जज़्बात बहक जाते हैं जब तुमसे मिलते हैं, 
अरमान मचल जाते हैं जब तुमसे मिलते हैं, 
मिल जाते हैं आँखों से आँखें, हाथों से हाथ, 
दिल से दिल, रूह से रूह जब तुमसे मिलते हैं।


Wednesday, 12 October 2016

लाखों में इंतिख़ाब के ..............

लाखों में इंतिख़ाब के क़ाबिल बना दिया, 
जिस दिल को तुमने देख लिया दिल बना दिया, 
पहले कहाँ ये नाज़ थे, ये इश्वा-ओ-अदा, 
दिल को दुआएँ दो तुम्हें क़ातिल बना दिया।


Sunday, 9 October 2016

कोई ग़ज़ल सुना ...............

कोई ग़ज़ल सुना कर क्या करना, 
यूँ बात बढ़ा कर क्या करना, 
तुम मेरे थे, तुम मेरे हो, 
दुनिया को बता कर क्या करना, 
तुम साथ निभाओ चाहत से, 
कोई रस्म निभा कर क्या करना, 
तुम खफ़ा भी अच्छे लगते हो, 
फिर तुमको मना कर क्या करना।


Saturday, 8 October 2016

तुम मेरी ज़िंदगी .........

तुम मेरी ज़िंदगी में शामिल हो ऐसे, 
मंदिर के दरवाज़े पर मन्नत के धागे हों जैसे।


Friday, 7 October 2016

ऐसा क्या लिखूँ की..........

ऐसा क्या लिखूँ की तेरे दिल को तस्सली हो जाए, 
क्या ये बताना काफी नहीं की मेरी ज़िन्दगी हो तुम


Thursday, 6 October 2016

मेरे दिल की हर............

मेरे दिल की हर धड़कन तुम्हारे लिए है, 
मेरी हर दुआ तुम्हारी मुस्कराहट के लिए है । 

तुम्हारी हर अदा मेरे दिल को चुराने के लिए है, 
अब तो मेरी जिंदगी तुम्हारे इंतज़ार के लिए है ।।


Wednesday, 5 October 2016

मोहब्बत की शम्मा............

मोहब्बत की शम्मा जला कर तो देखो, 
जरा दिल की दुनियाँ सजा कर तो देखो, 
तुम्हे हो ना जाऐ मोहब्बत तो कहना, 
जरा हमसे नजरें मिलाकर तो देखो...


Monday, 3 October 2016


Saturday, 1 October 2016

मुझे सहल हो..............

मुझे सहल हो गई मंजिलें वो 
हवा के रुख भी बदल गये, 

तेरा हाथ, हाथ में आ गया 
कि चिराग राह में जल गये ।