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Saturday, 30 July 2016

अजब से वो ..............

अजब से वो दिन थे अजब सी वो रातें, 
तन्हाई में तन्हाई से तन्हाई की बातें।


Thursday, 28 July 2016

तुम को तो जान से ...................

तुम को तो जान से प्यारा बना लिया; 
दिल का सुकून आँख का तारा का बना लिया; 
अब तुम साथ दो या ना दो तुम्हारी मर्ज़ी; 
हम ने तो तुम्हें ज़िन्दगी का सहारा बना लिया।


Wednesday, 27 July 2016

तेरी आँखों के..............


तेरी आँखों के जादू से 
तू ख़ुद नहीं है वाकिफ़... 

ये उसे भी जीना सिखा देती हैं 
जिसे मरने का शौक़ हो ।


Monday, 25 July 2016

दिल के सागर में....................

दिल के सागर में लहरें उठाया ना करो, 
ख्वाब बनकर नींद चुराया ना करो, 
बहुत चोट लगती है मेरे दिल को, 
तुम ख्वाबो में आ कर यूँ तड़पाया ना करो...।


Saturday, 23 July 2016

कुछ मतलब के............


कुछ मतलब के लिए ढूँढते हैं मुझको, 
बिन मतलब जो आए तो क्या बात है, 
कत्ल कर के तो सब ले जाएँगे दिल मेरा, 
कोई बातों से ले जाए तो क्या बात है..


Friday, 22 July 2016

मोहब्बत की शम्मा..................

मोहब्बत की शम्मा जला कर तो देखो, 
जरा दिल की दुनियाँ सजा कर तो देखो, 
तुम्हे हो ना जाऐ मोहब्बत तो कहना, 
जरा हमसे नजरें मिलाकर तो देखो..


मिली जब भी.................

मिली जब भी नजर उनसे, 
धड़कता है हमारा दिल, 
पुकारे वो उधर हमको, 
इधर दम क्यों निकलता है।


साँसों की माला..................

साँसों की माला में पिरो कर 
रखे हैं तेरी चाहतो के मोती, 
अब तो तमन्ना यही है कि, 
बिखरूं तो सिर्फ तेरे आगोश में।


Wednesday, 20 July 2016

ख्वाहिश-ए-ज़िंदगी................

ख्वाहिश-ए-ज़िंदगी बस 
इतनी सी है अब मेरी, 
कि साथ तेरा हो और 
ज़िंदगी कभी खत्म न हो ।


मेरी आँखों में...............

मेरी आँखों में झाँकने से पहले 
जरा सोच लीजिये ऐ हुजूर... 

जो हमने पलके झुका ली तो 
कयामत होगी...। 

और हमने नजरें मिला ली तो 
मुहब्बत होगी...।


Tuesday, 19 July 2016

जज़्बात बहक ............

जज़्बात बहक जाते हैं जब तुमसे मिलते हैं, 
अरमान मचल जाते हैं जब तुमसे मिलते हैं, 
मिल जाते हैं आँखों से आँखें, हाथों से हाथ, 
दिल से दिल, रूह से रूह जब तुमसे मिलते हैं।


Monday, 18 July 2016

तुम हसीन हो.................


तुम हसीन हो, गुलाब जैसी हो, 
बहुत नाज़ुक हो ख़्वाब जैसी हो, 
होठों से लगाकर पी जाऊं तुम्हे, 
सर से पाँव तक शराब जैसी हो।


Saturday, 16 July 2016

तुम्हारी प्यार भरी....................

तुम्हारी प्यार भरी निगाहों को हमें कुछ ऐसा गुमान होता है 
देखो ना मुझे इस कदर मदहोश नज़रों से कि दिल बेईमान होता है।


कब तक वो मेरा ....................

कब तक वो मेरा होने से इंकार करेगा, 
खुद टूट कर वो एक दिन मुझसे प्यार करेगा, 
इश्क़ की आग में उसको इतना जला देंगे, 
कि इज़हार वो मुझसे सर-ए-बाजार करेगा।


Friday, 15 July 2016

ऐसा क्या लिखूँ...............

ऐसा क्या लिखूँ की तेरे दिल को तस्सली हो जाए, 
क्या ये बताना काफी नहीं की मेरी ज़िन्दगी हो तुम।


Thursday, 14 July 2016

माना के मुमकिन..............

माना के मुमकिन नही तेरा मेरा हो जाना... 
पर सुना है इस दुनिया में चमत्कार बहुत होते है ।


Wednesday, 13 July 2016

लौट आओ न................

लौट आओ न... 
और आकर सिर्फ 
इतना कह दो... 
मैं भटक गयी थी, 
थी भी तुम्हारी और 
हूँ भी तुम्हारी ही...।


उन्होंने वक़्त समझकर..............

उन्होंने वक़्त समझकर गुज़ार दिया हमको 
और हम... 
उनको ज़िन्दगी समझकर आज भी जी रहे हैं।


Sunday, 10 July 2016

नशीली आँखों.................

नशीली आँखों से वो जब हमें देखते हैं, 
हम घबरा कर आँखें झुका लेते हैं, 
कौन मिलाये उन आँखों से आँखें, 
सुना है वो आँखों से अपना बना लेते हैं।


इस प्यार का..............

इस प्यार का अंदाज़ कुछ ऐसा है, 
क्या बताये ये राज़ कैसा है; 
कौन कहता है कि आप चाँद जैसे हो, 
सच तो ये है कि खुद चाँद आप जैसा है।


Saturday, 9 July 2016

तोहमते तो.................

तोहमते तो लगती रही 
रोज़ नयी नयी हम पर, 
मगर जो सबसे हसीन इलज़ाम था 
वो तेरा नाम था ।


Friday, 8 July 2016

धडकनों को ...............

धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल, 
अभी तो पलकें झुकाई हैं 
मुस्कुराना अभी बाकी है उनका।


कम से कम............

कम से कम अपने बाल तो बाँध लिया करो । 
कमबख्त.. 
बेवजह मौसम बदल दिया करते हैं ।


Tuesday, 5 July 2016

हटा कर ज़ुल्फ़ ...............

हटा कर ज़ुल्फ़ चेहरे से 
ना छत पर शाम को आना, 
कहीं कोई ईद ही ना कर ले 
अभी रमज़ान बाकी है


Monday, 4 July 2016

लिख दूं किताबें ................

लिख दूं किताबें तेरी मासूमियत पर 
फिर डर लगता है... 
कहीं हर कोई तेरा तलबगार ना हो जाय ।


Saturday, 2 July 2016

हम भटकते रहे थे.................

हम भटकते रहे थे अनजान राहों में, 
रात दिन काट रहे थे यूँ ही बस आहों में, 
अब तमन्ना हुई है फिर से जीने की हमें, 
कुछ तो बात है सनम तेरी इन निगाहों में।


Friday, 1 July 2016

नहीं बसती किसी.................

नहीं बसती किसी और की सूरत अब इन आँखो में । 
काश कि हमने तुझे इतने गौर से ना देखा होता ।।


तुम्हारी प्यार भरी...................

तुम्हारी प्यार भरी निगाहों को हमें कुछ सा गुमान होता है 
देखो ना मुझे इस कदर मदहोश नज़रों से कि दिल बेईमान होता है।



दिल की बाते.................

दिल की बाते कौन जाने, 
मेरे हालात को कौन जाने, 
बस बारिश का मौसम है, 
पर दिल की ख्वाहिश कौन जाने, 
मेरी प्यास का एहसास कौन जाने ?