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Thursday, 31 March 2016

तन्हा रहना ..............................

तन्हा रहना तो सीख लिया हमने,

लेकिन खुश कभी ना रह पाएंगे,

तेरी दूरी तो फिर भी सह लेता ये दिल,

लेकिन तेरी मोहब्बत के बिना ना जी पाएंगे.


मुलाकात जरुरी हैं,..................

मुलाकात जरुरी हैं, अगर रिश्ते निभाने हो,

वरना लगा कर भूल जाने से पौधे भी सुख जाते हैं.


हमने किए जो ..................

हमने किए जो वादे उन्‍हे तोड़ते नही
कितनी भी मुश्किलें हो चाहें छोड़ते नही ।

टूटे दिलों को जोड़ना तो रब का काम है
बंदे ही दिल किसी का हम तोड़ते नही ।

गैरों की बात छोड़िये अपने भी कम नही
मौका जिसे मिले वो उसे छोड़ते नही ।

हमको बुजुर्गो ने सिखाये है कायदे
बेमेल रिश्‍ते हम कभी जोड़ते नही ।


प्यार की कोई हद ....................

प्यार की कोई हद समझना, मेरे बस की बात नहीं,

दिल की बातों को न करना, मेरे बस की बात नहीं,

कुछ तो बात है तुझमें तब तो दिल ये तुमपे मरता है,

वरना यूँ ही जान गँवाना, मेरे बस की बात नहीं..।


तेरे गम को अपनी...............

तेरे गम को अपनी रूह में उतार लूँ..

जिन्दगी तेरी चाहत में सवार लूँ..

मुलाकात हो तुझ से कुछ इस तरह..

तमाम उमर बस इक मुलाकात में गुजार लूँ


मैं कुछ लम्हे और..............

मैं कुछ लम्हे और उसके साथ चाहती हूँ...

आँखों में थम जाऐ वो बरसात चाहती हूँ...

सुना हैं मुझे बहुत चाहता है वो मगर...

मैं उसके लबो से एक बार इज़हार चाहती..।।


जितना जलाया है ....................

जितना जलाया है तुमने प्यार में मुझको,

दिल तो करता है की मै भी जलाऊ तुझको,

अजनबी होता तो ऐसा भी कर लेता शायद ,

मगर तू तो अपना है कैसे सताऊ तुझको…



Wednesday, 30 March 2016

जो जले थे..............

जो जले थे हमारे लिऐ,

बुझ रहे है वो सारे दिये,

कुछ अंधेरों की थी साजिशें,

कुछ उजालों ने धोखे दिऐ..


न सोचा न समझा............

न सोचा न समझा न सीखा न जाना,
मुझे आ गया ख़ुदबख़ुद दिल लगाना..!!

ज़रा देख कर अपना जल्वा दिखाना,
सिमट कर यहीं आ न जाये ज़माना..!!

ज़ुबाँ पर लगी हैं वफ़ाओं कि मुहरें,
ख़मोशी मेरी कह रही है फ़साना..!!

गुलों तक लगायी तो आसाँ है लेकिन,
है दुशवार काँटों से दामन बचाना..


कौन कहता है हम...................

कौन कहता है हम उसके बिना मर जायेंगे....

हम तो दरिया है समंदर में उतर जायेंगे

वो तरस जायेंगे प्यार की एक बून्द के लिए...

हम तो बादल है प्यार के…

किसी और पर बरस जायेंगे 


जख्म बन जाने की................

जख्म बन जाने की आदत है उसकी,

रूला कर मुस्कुराने की आदत है उसकी,

मिलेगें कभी तो खूब रूलाएगें उसको,

सुना है रोते हुए लिपट जाने की आदत है उसकी..



तकदीर लिखने......................

तकदीर लिखने वाले एक एहसान लिख दे,

मेरे दोस्त की तकदीर में मुस्कान लिख दे,

ना मिले जिन्दगी में कभी भी दर्द उसको,

चाहे उस की किस्मत में मेरी जान लिख दे.


हद-ए-शहर से...................

हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली,

कुछ यादें मेरे संग पांव पांव चली,

सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ,

वो जिंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली।


मेरे दिल की दुनिया ....................

मेरे दिल की दुनिया पे तेरा ही राज था।

कभी तेरे सीर पर भी वफाओ का ताज था।

तूने मेरा दिल तोडा पर पता न चला तुझको।

क्योंकि टुटा दिल दीवाने का बे आवाज था।



Tuesday, 29 March 2016

एक आरज़ू सी दिल में .................

एक आरज़ू सी दिल में अक्सर छुपाये फिरता हूँ,

प्यार करता हूँ तुझसे पर कहने से डरता हूँ,

कही नाराज़ न हो जाओ मेरी गुस्ताखी से तुम,

इसलिए खामोश रहके भी तेरी धडकनों को सुना करता हूँ .


न मिले किसी का..................

न मिले किसी का साथ तो हमें याद करना,

तन्हाई महसूस हो तो हमें याद करना....,

खुशियाँ बाटने के लियें दोस्त हजारो रखना,

जब ग़म बांटना हो तो हमें याद करना..


दूर दूर रह कर भी.................

दूर दूर रह कर भी हम कितने करीब हैं,
हमारा रिश्ता भी जाने कितना अजीब है,

बिन देखे ही तेरा यूँ मोहब्बत करना मुझसे,
बस तेरी यही चाहत ही तो मेरा नसीब है,

पर जिसे प्यार ही ना मिला हो किसी का,
वो बदकिस्मत भी यहाँ कितना गरीब है,

और जिसे मिल गया हो तेरे जैसा यार यहाँ,
वो शख्स भी मेरे जैसा ही खुशनसीब है….!!


दिल के टूटने से...............

दिल के टूटने से नही होती है आवाज़!

आंसू के बहने का नही होता है अंदाज़!

गम का कभी भी हो सकता है आगाज़!

और दर्द के होने का तो बस होता है एहसास ।


अभी सूरज नहीं.............

अभी सूरज नहीं डूबा ज़रा सी शाम होने दो,

मैं खुद लौट जाउंगा मुझे नाकाम होने दो,

मुझे बदनाम करने का बहाना ढूँढ़ते हो क्यों,

मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले नाम होने दो!


कभी तितली की..............

कभी तितली की तरह तुम हुस्न पे इतराती हो,

कभी खुशबु की तरह तुम मुझमें से गुजर जाती हो,

जब कभी बैठता हूँ तन्हा तेरी यादों की छाँव में,

क्यों नमीं की तरह तुम मेरी साँसो में उतर जाती हो।। 


उस जैसा मोती................

उस जैसा मोती पूरे समंद्र में नही है,

वो चीज़ माँग रहा हूँ जो मुक़्दर मे नही है,

किस्मत का लिखा तो मिल जाएगा मेरे ख़ुदा,

वो चीज़ अदा कर जो किस्मत में नही है…



वो नजर कंहा से................

वो नजर कंहा से लाऊँ जो तुम्हें भुला दे,

वो दवा कंहा से लाऊँ जो ईस ददॅ को मिटा दे,

मिलना तो लिखा रहेता है तकदिरो में,

पर वो तकदिर कंहा से लाऊँ जो हम दोंनो को मिला दे.!!


Saturday, 26 March 2016

आपकी मुस्कुराहट.......................

आपकी मुस्कुराहट कभी होंठों से ना छुटे,

कयामत तक आपसे कोई कभी ना रूठे,

मेहरबान हो खुदा भी आप पर इतना,

खी आसमान का हर तारा आपकी मर्जी से टुटे..।


वक़्त बदला .......................

वक़्त बदला और बदली कहानी है,

संग मेरे हसीन पलों की यादें पुरानी हैं,

ना लगाओ मरहम मेरे ज़ख्मों पर,

मेरे पास उनकी बस यही एक बाकी निशानी है..


मोहब्बत मुक्कदर.....................

मोहब्बत मुक्कदर है कोई खवाब नहीं,

ये वो अदा है जिसमें सब कामयाब नहीं,

जिन्हें पनाह मिली उन्हें उंगलियों पे गिनो,

जो बर्बाद हुऐ उनका हिसाब नहीं....


सोचा याद न करके.............

सोचा याद न करके थोड़ा तड़पाऊं उनको...

किसी और का नाम लेकर जलाऊं उनको...

पर चोट लगेगी उनको तो दर्द मुझको ही होगा,

अब ये बताओ किस तरह सताऊं उनको...


जिन्दगी हसीन है................

जिन्दगी हसीन है, इससे प्यार करो, 

हो रात तो, सुबह का इंतजार करो,

वो पल भी आएगा, जिसका है इंतजार,

रब पर भरोसा और वक्त पे ऐतबार करो.


सौ बार चमन.....................

सौ बार चमन महका, सौ बार बहार आई,
दुनिया की वही रौनक, दिल की वही तन्हाई।

हुस्न वालों ने................

हुस्न वालों ने क्या कभी की ख़ता कुछ भी ?
ये तो हम हैं सारे इलज़ाम लिये फिरते हैं


मैने सपनो को ..................

मैने सपनो को दूर होते देखा है,

जो मिला नही उसे खोते देखा है,

लोग कहते हैं रात को ओस गिरती है,

पर मैने तो फूलों को अकेले में रोते देखा है.


Wednesday, 23 March 2016

बाबजूद इसके...................

बाबजूद इसके तेरा साथ निभाया मैने..... 

तू फटा नोट था... मगर पूरे में चलाया मैंने.


सिमट गया मेरा....................

सिमट गया मेरा प्यार भी चंद अल्फाजों में,
जब उसने कहा मोहब्बत तो है पर तुमसे नहीं..


क्या लिखूँ , .................

क्या लिखूँ , अपनी जिंदगी के बारे में, दोस्तों...
वो लोग ही बिछड़ गए, जो जिंदगी हुआ करते थे !!


कितनी बे-शर्मी ................

कितनी बे-शर्मी से इजहार करते है,

यह गन्दा जो व्यापार करते है,

अगर मिल जाये दाम इनको तो,

मॉ का आँचल भी दाग दार करते है..


बिकता है गम..................

बिकता है गम हँसी के बाज़ार में,

लाखों दर्द छिपे होते है एक छोटे से इनकार में,

वो क्या समझ पाऐंगे प्यार की कशिश,

जिन्होंने फर्क ही नहीं समझा पसंद और प्यार में..


ठुकरा के उसने ..................

ठुकरा के उसने मुझे कहा कि मुस्कुराओ,

मैं हंस दिया सवाल उसकी ख़ुशी का था,

मैंने खोया वो जो मेरा था ही नहीं,

उसने खोया वो जो सिर्फ उसी का था।


गुज़रे दिनों की................

गुज़रे दिनों की भूली हुई बात की तरह,

आँखों में जागता है कोई रात की तरह,

उससे उम्मीद थी की निभाएगा साथ वो,

वो भी बदल गया मेरे हालात की तरह ।


मंज़िल मिल ही जाएगी...............

मंज़िल मिल ही जाएगी एक दिन भटकते भटकते ही सही,

गुमराह तो वो हैं जो डर के घर से निकलते ही नहीं,

खुशियां मिल जायेंगी एक दिन रोते रोते ही सही,

कमज़ोर दिल तो वो हैं जो हँसने की कभी सोचते ही नहीं।


Tuesday, 22 March 2016

मुझको ऐसा दर्द..................

मुझको ऐसा दर्द मिला जिसकी दवा नहीं,

फिर भी खुश हूँ मुझे उस से कोई गिला नहीं,

और कितने आंसू बहाऊँ उस के लिए,

जिसको खुदा ने मेरे नसीब में लिखा ही नहीं...


खुशबू बिखेरती........................

खुशबू बिखेरती हुई गुलाब की कलि हो,

तितली सी उड़ती हुई नाजों से पली हो,

संगमरमरी बदन लिए सांचे में ढली हो,

कितनों को लूट लिया तुम वो मन चली हो.


बरसो की चाहत ......................

बरसो की चाहत को बदलते देखा,

चाहने वालो को मुकरते देखा,

कैसे सजाऐं फकीरा मुहब्बत का जहाँ,

हर सपने को टुट के बिखरते देखा.


बेताब से रहते हैं ..................

बेताब से रहते हैं उसकी याद में अक्सर,

रात भर नहीं सोते हैं उसकी याद में अक्सर,

जिस्म में दर्द का बहाना सा बना कर,

हम टूट कर रोते हैं उसकी याद में अक्सर.


चंद साँसे बची हैं............

चंद साँसे बची हैं आखिरी बार दीदार दे दो,

झूठा ही सही एक बार मगर तुम प्यार दे दो,

जिंदगी वीरान थी और मौत भी गुमनाम ना हो,

मुझे गले लगा लो फिर मौत मुझे हजार दे दो।


आंसुओं की बूँदें .....................

आंसुओं की बूँदें हैं या आँखों की नमी है,

न ऊपर आसमां है न नीचे ज़मी है,

यह कैसा मोड़ है ज़िन्दगी का,

उसी की ज़रूरत है और उसी की कमी है।


Monday, 21 March 2016

मैं लब हूँ.............

मैं लब हूँ, मेरी बात तुम हो ,
मैं तब हूँ , जब मेरे साथ तुम हो।


अबकी बार तुमसे.............

अबकी बार तुमसे मिलते तो आँखे बन्द ही रखेँगेँ...
ये बातुनी पलके कुछ बोलने नही देती...


जब कभी टूट .................

जब कभी टूट कर बिखरो तो बताना हमको, 

हम तुम्हें रेत के जर्रों से भी चुन सकते हैं ।


तेरी यादों की..............

तेरी यादों की कोई, सरहद होती तो अच्छा था,

खबर तो होती कि, सफ़र कितना तय करना है..!!


ऐ इश्क सुना............

ऐ इश्क सुना था के तू अँधा है,

फिर रास्ता मेरे दिल का तुझे बताया किसने ?



यूँ ही नही आता...............

यूँ ही नही आता ये शेर-ओ-शायरी का हुनर,

कुछ खुशियाँ गिरवी रखकर जिंदगी से दर्द खरीदा है।