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Thursday, 31 December 2015

टूटा हुआ फूल ........

टूटा हुआ फूल खुश्बू देता है;
बीता हुआ पल यादें देता है;
हर शख्स का अपना अंदाज़ होता है;
कोई प्यार में ज़िंदगी, तो कोई ज़िंदगी में प्यार दे जाता है।

होती नहीं है............

होती नहीं है मोहब्बत सूरत से;
मोहब्बत तो दिल से होती है;
सूरत उनकी खुद-ब-खुद लगती है प्यारी;
कदर जिनकी दिल में होती है।

Wednesday, 30 December 2015

जब प्यार के.............

जब प्यार के एहसास को समझ जाओगे;
हर तरफ मेरा ही नाम पाओगे;
मेरी मोहब्बत उस वक़्त देगी आवाज़;
जब तुम भीड़ में खुद को अकेला पाओगे।



Tuesday, 29 December 2015

जब प्यार के ..........

जब प्यार के एहसास को समझ जाओगे;
हर तरफ मेरा ही नाम पाओगे;
मेरी मोहब्बत उस वक़्त देगी आवाज़;
जब तुम भीड़ में खुद को अकेला पाओगे।

हमने भी ............

हमने भी किसी से प्यार किया था;
कम नहीं, बेशुमार किया था;
ज़िंदगी बदल गई थी तब उसने कहा कि;
पागल तू सच समझ बैठा, मैने तो मज़ाक किया था।

जिंदगी की हक़ीकत ...........

जिंदगी की हक़ीकत सिर्फ इतनी होती है;
जब जागता है इंसान तो किस्मत सोती है;
इंसान जिस पर अपना हक़ खुद से ज्यादा समझता है;
वो अमानत अक्सर किसी और की होती है!

चाह कर भी..............

चाह कर भी उसे अपना ना बना सके;
इश्क़ करके भी उन्हें ये जता ना सके;
दिल था हमारा कोई कागज़ का टुकड़ा नहीं;
इसीलिए चीर कर कभी दिखा न सके।

बात इतनी सी.............

बात इतनी सी थी कि तुम अच्छे लगते थे।

अब बात इतनी बढ़ गई कि तुम बिन कुछ अच्छा नहीं लगता।

बहुत अजीब है...........

बहुत अजीब है यह बंदिशें मोहब्बत की;
कोई किसी को बहुत टूट कर चाहता है;
और कोई किसी को चाह कर टूट जाता है।

Monday, 28 December 2015

अनजाने में .........

अनजाने में दिल गँवा बैठे;
इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे;
उनसे क्या गिला करें;
भूल हमारी थी जो बिना दिल वालों से दिल लगा बैठे।



मैंने तुझको.............

मैंने तुझको ही चाहा है;
तू ही मेरा पहला प्यार है;
मेरे दिल की तू ही धड़कन;
तेरा ही मुझको इंतज़ार है।

प्यार की..........

प्यार की अनदेखी सूरत आप हैं;
मेरी जिंदगी की ज़रूरत आप हैं;
खूबसूरत तो फूल भी बहुत हैं;
मगर मेरे लिए फूल से भी खूबसूरत आप हैं।

बहुत अजीब है ...........

बहुत अजीब है यह बंदिशें मोहब्बत की;
कोई किसी को बहुत टूट कर चाहता है;
और कोई किसी को चाह कर टूट जाता है।



जाने दुनियां..............

जाने दुनियां में ऐसा क्यों होता है;
जो सब को ख़ुशी दे, वही क्यों रोता है;
उम्र भर जो साथ ना दे सके;
वही ज़िंदगी का पहला प्यार क्यों होता है।

आईना हमने ............

आईना हमने तोड़ दिया है इस ख्याल से;
कि शायद हमारी तक़दीर बदल जाए;
हमें क्या पता कि टूटे आईने के हर टुकड़े में;
फिर वही तस्वीर नज़र आएगी।

जब कोई ख्याल.......

जब कोई ख्याल दिल से टकराता है;
दिल ना चाह कर भी, खामोश रह जाता है;
कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है;
कोई कुछ ना कहकर भी, सब बोल जाता है।

वो प्यार जो............

वो प्यार जो हकीकत में प्यार होता है;
ज़िंदगी में सिर्फ एक बार होता है;
निगाहों के मिलते मिलते दिल मिल जाएं;
ऐसा इतेफाक सिर्फ एक बार होता है।

अजब सी ...............

अजब सी बेकरारी है;
दिन भी भारी था, रात भी भारी है;
अगर मेरा दिल तोड़ना है तो शौंक से तोड़िए;
क्योंकि चीज़ ये हमारी नहीं तुम्हारी है।



दिल उनके .........

दिल उनके लिए ही मचलता है;
ठोकर खाता है और संभलता है;
किसी ने इस क़द्र कर लिया दिल पर कब्ज़ा;
दिल मेरा है पर उनके लिए धड़कता है!



न पीने का शौंक..............

न पीने का शौंक था न पिलाने का शौंक था;
हमें तो सिर्फ नज़रें मिलाने का शौंक था;
पर क्या करें हम नज़रें भी उनसे मिला बैठे;
जिन्हे नज़रों से पिलाने का शौंक था।

हुस्न और ............

हुस्न और खुशबु का सबब हो तुम;
ऐसा खिलता हुआ गुलाब हो तुम;
तुम जैसा हसीन न होगा इस जहाँ में;
तमाम हसीनों में लाजवाब हो तुम।

Sunday, 27 December 2015

मेरा हर पल.........

मेरा हर पल आज खूबसूरत हैं;
दिल में जो सिर्फ तेरी ही सूरत है;
कुछ भी कहे ये दुनिया ग़म नहीं;
दुनिया से ज्यादा हमें तेरी ज़रूरत है।


आँख तो प्यार

आँख तो प्यार में दिल की ज़ुबान होती है;
सच्ची चाहत तो सदा बे-ज़ुबान होती है;
प्यार में दर्द भी मिले तो क्या घबराना;
सुना है दर्द से ही चाहत और जवान होती है।



Saturday, 26 December 2015

वो पलकें झुकाना

वो पलकें झुकाना, वो तेरा शर्माना;
कोई तुझसे सीखे दिल को चुराना;
वो लटों को अपनी उंगली से घुमाना;
कोई तुझसे सीखे किसी को दीवाना बनाना।

कुछ सोचूं तो...........

कुछ सोचूं तो तेरा ख्याल आ जाता है;
कुछ बोलूं तो तेरा नाम आ जाता है;
कब तक छुपाऊँ दिल की बात;
उसकी हर अदा पर मुझे प्यार आ जाता है।

इश्क़ ने हमें .........

इश्क़ ने हमें बेनाम कर दिया;
हर ख़ुशी से हमें अंजान कर दिया;
हमने तो कभी नहीं चाहा कि हमें भी मोहब्बत हो;
लेकिन आप की एक नज़र ने हमे नीलाम कर दिया।

पहली मोहब्बत..........

पहली मोहब्बत थी मेरी हम ये जान न सके;
प्यार क्या होता है वो पहचान न सके;
हमने उन्हें दिल में बसाया है इस कदर कि;
जब भी चाहा दिल से हम उसे निकाल न सके।

Friday, 25 December 2015

जीने की उसने................

जीने की उसने हमे नई अदा दी है;
खुश रहने की उसने दुआ दी है;
ऐ खुदा उसको खुशियाँ तमाम देना;
जिसने अपने दिल मे हमें जगह दी है

तेरे हाथ की...........

तेरे हाथ की मैं वो लकीर बन जाऊं;
सिर्फ मैं ही तेरा मुकद्दर तेरी तक़दीर बन जाऊं;
इतना चाहूँ मैं तुम्हें कि तू हर रिश्ता भूल जाये;
और सिर्फ मैं ही तेरे हर रिश्ते की तस्वीर बन जाऊं।

तू ही बता.............

तू ही बता दिल कि तुम्हें समझाऊं कैसे;
जिसे चाहता है तू उसे नज़दीक लाऊँ कैसे;
यूँ तो हर तमन्ना हर एहसास है वो मेरा;
मगर उस एहसास को ये एहसास दिलाऊं कैसे।

Thursday, 24 December 2015

जज़्बात बहक............

जज़्बात बहक जाते हैं जब तुमसे मिलते हैं;
अरमान मचल जाते हैं जब तुमसे मिलते हैं;
आँखों से आँखें, हाथों से हाथ मिल जाते हैं;
दिल से दिल, रूह से रूह मिल जाती है, जब तुमसे मिलते हैं।

कोई है जिसका............

कोई है जिसका इस दिल को इंतज़ार है;
ख्यालों में भी बस उसका ही ख्याल है;
खुशियां मैं सारी उस पर लुटा दूँ;
कब आएगा वो चाहने वाला जिसका इस दिल को इंतज़ार है।

कोई कहता है ........

कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है;
कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है;
पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से;
तो प्यार जीने की वजह बन जाता है।

होती नहीं है ..........

होती नहीं है मोहब्बत सूरत से;
मोहब्बत तो दिल से होती है;
सूरत उनकी खुद-ब-खुद लगती है प्यारी;
कदर जिनकी दिल में होती है।

इत्तेफ़ाक़ से ही

इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी;

ढूंढ रहे थे हम जिन्हें उन से बात हो गयी;
देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम;
बस यूँ समझो वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी।



Wednesday, 23 December 2015

अजीब जुल्म ............

अजीब जुल्म करती हैं तेरी यादें मुझ पर;

सो जाऊं तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती हैं।

शिकायत है उन्हें.........

शिकायत है उन्हें कि ,हमें मोहब्बत करना नहीं आता,

शिकवा तो इस दिल को भी है पर इसे शिकायत करना नहीं आता।

इसी शहर .......

इसी शहर में कई साल से मेरे कुछ क़रीबी अज़ीज़ हैं,

उन्हें मेरी कोई ख़बर नहीं मुझे उन का कोई पता नहीं।

ये कैसी जुदाई है..........

ये कैसी जुदाई है आँख मेरी भर आई है,
सावन की हर एक बरसती बूंद में तेरी ही परछाईं है,
इस हसीन मौसम में फिर क्यों ये जुदाई है।

हम उनके दिल........

हम उनके दिल पर राज़ करते थे,

मेरा दिल जिनका गुलाम आज भी है।



तलाश में बीत.......

तलाश में बीत गयी सारी ज़िंदगानी ए दिल,

अब समझा कि खुद से बड़ा कोई हमसफ़र नहीं होता।

करते नहीं इज़हार..........

करते नहीं इज़हार फिर क्यों करते हो तुम प्यार,

नज़रों से बातें बहुत हुई अब लब से करो इकरार


उसकी पलकों ..............

उसकी पलकों से आँसू को चुरा रहे थे हम,
उसके ग़मो को हंसीं से सजा रहे थे हम,
जलाया उसी दिये ने मेरा हाथ,
जिसकी लो को हवा से बचा रहे थे हम।

बैठे हैं दिल ..............

बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये;
कि वो आज नजरों से अपनी पिलायें;
मजा तो तब है पीने का यारो;
इधर हम पियें और नशा उनको आये।

चुपके चुपके ...............

चुपके चुपके पहले वो ज़िन्दगी में आते हैं;
मीठी मीठी बातों से दिल में उतर जाते हैं;
बच के रहना इन हुस्न वालों से यारो;
इन की आग में कई आशिक जल जाते

Tuesday, 22 December 2015

सजा है मौसम............

सजा है मौसम तुम्हारी महक से आज फिर;

लगता है हवायें तुम्हें छू कर आयी हैं।

छोटी सी जिन्दगी है...........

छोटी सी जिन्दगी है, हर बात में खुश रहो,
जो चेहरा पास ना हो उसकी आवाज में खुश रहो,
कोई रूठा हो आप से उसके अंदाज में खुश रहो,
जो लौट के नही आने वाले उनकी याद में खुश रहो,
कल किसने देखा अपने आज में खुश रहो

ग़म खुद ही ...........

ग़म खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे,

सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिए।

सुना है कि........

  
सुना है कि तुम रातों को देर तक जागते हो,

यादों के मारे हो या मोहब्बत मे हारे हो।

वो चुपके से...........

वो चुपके से ज़रूर आएंगे मिलने मुझसे,

हकीकत में नहीं तो सपने में ही सही।